बहुत पावर है
अनुलोम विलोम से मैंने लोगों को शुगर बीपी थायराइड नी पेन नेक पेन बैक पेन अर्थराइटिस कोलेस्ट्रॉल एक्सिमा पैरालाइसिस सोरायसिस ट्यूमर कैंसर सब पे काम किया है लोग जीवित हैं स्वस्थ हैं
तो इसके पीछे का साइंस क्या है मतलब किस तरीके से काम करता है कैसे एक सांस लिया छोड़ा फिर लिया छोड़ा इससे कैसे चेंज आ गया बॉडी में
बेसिकली ये जो अनुलोवि-वोलोम आप बता रहे हो ना इशारे से ये तो इसलिए बता रहे हो क्योंकि आपको थोड़ा बहुत पता है हम जिसको अनुलोम-वोलोम के बारे में पता नहीं है वो बिल्कुल यही सोचेगा कि अगर सांस लेना और छोड़ना है तो मूर्ख है एम्स के बाहर जो भीड़ लगा के बैठे हैं या फिर ये बंदा मूर्ख है जो ये सारी बातें कर रहा है कि सांस लेने से इंसान ठीक हो जाता है मेरे एक्सपीरियंस की बात कर रहा हूं हम लोग ठीक हुए हैं जीवित हैं स्वस्थ हैं मैंने वीडियोस डाली हुई है हम अब ये जानो कि अनुलोमविलोम का एक्चुअली तरीका क्या है प्लस उसके पीछे का साइंस क्या है और उसके पीछे माइंड कैसे काम करता है
तो आप ये जान लो जिस आसन प्राणायाम की और बीमारी को ठीक करने की बात हम कर रहे हैं उसमें 95% रोल माइंड का है
हम अगर माइंड का इन्वॉल्वमेंट नहीं है तो अनुलोम-विलोम आपके लिए नहीं है
हम अब आप बहुत लोगों को देखोगे जिसको थोड़ा बहुत भी पता है वो ये तो कर ही देता है आप पार्क में जाकर के देखो बहुत सारे आपको ऐसे लोग मिलेंगे जो शूज पहन के बैठकर के अनुलोम-विलोम कर रहे हैं आंख खोल के कर रहे हैं मैं ऐसे लोगों को जानता हूं कि मेरी हाय हाय हेलो हो गई जान पहचान हो गई फिर वो कहते हैं कि बेटा तुम तो योगा बहुत अच्छा करते हो तभी मैं एडवांस बहुत करता था जबभी मेरा लाइक मैंने सेंटरवेंटर शुरू भी नहीं किया था उस टाइम की बात है तो कहते हैं यार मेरे को एक बात बताओ मैं ना मेडिटेशन नहीं कर पाता हूं मैंने कहा अंकल जी कितने साल से कर रहे हो आप तो कहते जितनी तेरी उम्र नहीं है उतनी साल से कर रहा हूं और फिर आई गई बात हो गई मैंने अपनी प्रैक्टिस शुरू कर दी उन्होंने अपना योगा शुरू कर दिया वह प्राणायाम कर रहे थे ऐसे और आंख खुली हुई थी कुछ बच्चे फुटबॉल खेल रहे थे तो उन्होंने कहा उनका प्राणायाम चालू है मेरे को तब भी समझ में आ गया कि आपने कभी अपने ऊपर काम एक्चुअली नहीं किया 95% रोल जो माइंड का है वो तो इन्वॉल्वमेंट ही नहीं है उसका हम तो रिजल्ट आएगा क्या तो अब आते हैं कि अनुलोवि-वोलोम ऐसा क्या करता है उसके पीछे का साइंस और लॉजिक क्या है कि लोगों को बेनिफिट हो जाता है पहले ये समझो अनुलोमविलोम करना कैसे है हम तो आप ये आपकी मुद्रा बनानी है आपको हम राइट थंब से राइट नस्ट्रिल को बंद करना है लेफ्ट से लंबा सांस लेना है लंबा कितना मैक्सिमम इन्हेल कि चेस्ट आपका फूल जाए हम् अब एक से इन्हेल किया लाइक राइट थंब से राइट नस्ट्रिल को बंद किया लेफ्ट से इन्हेल किया अब लेफ्ट को बंद करके राइट से एक्सेल फिर जिससे छोड़ दिया इसी से इन्हेल दूसरे से एक्सेल यह एक बेसिक फॉर्मेट है कि आपको एक से सांस लेना है दूसरे से छोड़ना है दूसरे से लेना है पहले से छोड़ना है जब कभी भी आप अनुलोम विलोम प्रैक्टिस करो तो आप टाइमर लगाओ स्टॉप वॉच लगाओ जो मेरा तरीका है मैं ऐसे ही करता कराता हूं आप ये चेक करो कि क्या आप 5 सेकंड का सांस ले पा रहे हो और 5 सेकंड का सांस छोड़ पा रहे हो अगर आप ये कर पा रहे हो दैट मींस कि आपने पहला कदम रख दिया आपकी मेडिसिन फ्री लाइफ की तरफ तरफ
मतलब मैं समझ नहीं पाई क्या 5 सेकंड सांस भरना है हमें 5 सेकंड में इन्हेल करना है
ओके 5 सेकंड में एक्सेल करना है ओके फिर 5 सेकंड में इन्हेल करना है 5 सेकंड में एक्सेल करना है हम अगर आप 5 सेकंड का इन्हेल एक्सेल सीख जाते हो ईली हो जाएगा करके दिखा दो मैम एक बार फ़ दे दो भाई एक बार सेकंड अभी अभी ट्राई कर लेते हैं एक बार फ़ दो ये रहा फ़ फ़ देना ठीक है ट्राई करते हैं ठीक है मतलब नॉर्मली लोग 5 सेकंड तो सांस लेते ही हैं नहीं लेते ना नहीं लेते क्यों मैं एक बार दीपपू को चेक करता हूं दीपू ठीक है एक बार चेक करता हूं आपका जब तक साउंड आएगा ना तब तक इसको चलाऊंगा मैं ठीक है और पूरे ईमानदार आप भी रहना मैं भी रहूंगा ऑन कैमरा ये हो रहा है मैं देख लूंगा एक बार चलो इन्हेल करो एक सेकंड हां करो खत्म ठीक है अभी तीन सेकंड का भी सांस नहीं लिया हां दो सेकंड जबकि आपको ये पता है कि आपको लंबा सांस भरना है हम्म आपको पता है अब जब हमें ये नहीं पता होता तो अब हम ये थोड़ी ना करते हैं तब तो हम क्या है नॉर्मल लाइफ जी रहे हैं हमने कभी इस पे ध्यान ही नहीं दिया हम जिस कारण से अब रात को आप सो रहे हो किसी ने बेल बजा दी सांस कैसी होती है तेज हो जाती है सॉरी अगर अचानक से कोई ऐसा कि गेट खटखटा दिया सांस कैसी हो जाती है अगर कोई लड़ाई देख लिया किसी का एक्सीडेंट देख लिया कोई ब्लास्ट देख लिया सांस कैसी हो जाती है छोटी होते होते इतनी छोटी हो गई है कि हमारी आयु छोटी हो गई है अब मैं लोगों को यही कहता हूं कि लंबी सांस मतलब लंबी आयु तो एटलीस्ट सांस लंबा लेना शुरू करो और जितना सुनने में इजी लग रहा है कि 5 सेकंड सांस लेना है ये तो बहुत इजी है इसके लिए चाहिए परफेक्शन और परफेक्शन के लिए चाहिए प्रैक्टिस प्रैक्टिस के लिए चाहिए माइंडसेट माइंडसेट ऐसा है कि 5 सेकंड का इन्हेल मेरे को 5 दिन 7 दिन प्रैक्टिस करके अचीव करना ही है और ऐसा 5 मिनट अनुलोम-विलोम करना धीरे-धीरे बढ़ा करके 10 मिनट करना फिर क्या करना 5 सेकंड का इन्हेल किया 5 सेकंड का होल्ड किया 5 सेकंड का एक्सेल किया हम फिर 5 सेकंड का इन्हेल किया 5 सेकंड का होल्ड किया 5 सेकंड का एक्सेल किया हम राउंड कंप्लीट कब होगा जैसे मैं उदाहरण देता हूं इजी वे में समझ में आ जाएगा ऑडियंस को कि मैं घर से रोड पे आया रोड से सेंटर पे गया ठीक है अब यहां पे राउंड कंप्लीट हुआ क्या नहीं नहीं हुआ अब मेरे को क्या करना है सेंटर से रोड पे और रोड से घर घर पे जाना है जब मैं घर पे पहुंच जाऊंगा तो मेरा एक राउंड कंप्लीट हो जाएगा हम ऐसे ही जहां से मैंने सांस लेना शुरू किया था वहीं पे मैं खत्म करूंगा तो एक राउंड कंप्लीट होगा अब इसको कैलकुलेट करोगे पांच में लिया पांच में रोका पांच में छोड़ा फिर पांच में लिया पांच में रोका पांच में छोड़ा टोटल 30 सेकंड का एक राउंड हुआ 1 मिनट में कितना हुआ दो दो 5 मिनट में कितना हुआ 10 एक सिंपल कैलकुलेशन है तो जब मैं 5 मिनट अनुलोम-विलोम करूंगा तो मुझे पता होना चाहिए कि मैंने 10 राउंड कर लिए अब जो 95% रोल माइंडसेट का है तो आपका माइंड तो इन्वॉल्व है ना अब आप काउंट कर रहे हो अपनी राउंड्स को काउंट कर रहे हो सांसों पर ध्यान लगा रहे हो अब इसमें दूसरा स्टेज क्या आएगा 5 सेकंड वाला भी परफेक्शन आपने अचीव कर लिया तो 10 सेकंड का इन्हेल 10 सेकंड का होल्ड 10 सेकंड का एक्सेल हम अब सोचो एक राउंड कितनी देर में हो रहा है 30 कहां हो रहा है 30 में 1 मिनट का हो रहा है पूरा 1 मिनट का एक राउंड हो रहा है अब मैंने 5 मिनट किया तो कितना राउंड हुआ पांच सिंपल कैलकुलेशन समझ में आया हम अब यह समझो कि जो सांस मेरी 2 सेकंड 3 सेकंड की थी हम अब 1 मिनट में एक ही सांस ले और छोड़ रहा हूं प्रॉपर हम जब लंग्स की कैपेसिटी बढ़ गई ब्रेन तक ऑक्सीजन सप्लाई हो गया तो इंसान को वैसे भी बेनिफिट मिलना ही है जैसे कि जब कोई वेंटिलेटर पे होता है हम उसकी स्थिति खराब होती है जब मरने वाला होता है कुछ क्षण उसके पास में बचे होते हैं तो डॉक्टर बाहर आ के बोलता है आपके पेशेंट का ब्रेन डेड हो गया है हम ऑक्सीजन सप्लाई उसमें नहीं हो रहा है उसके बाद बोलता है मल्टीपल ऑर्गन्स फेलियर की तरफ वो जा रहा है और अब वो बोलता है कि जी डेड हो गया वो यानी कि ब्रेन अगर डेड हो गया मैसेज जाना बंद हो गया लंग्स लीवर किडनी सब कोलैप्स कर जाएगा इंसान मर जाएगा तो सेम टाइम अगर ब्रेन में ऑक्सीजन सप्लाई अच्छा कर दिया तो वो इंप्रूव भी तो करेगा हम एंड उसके पीछे का यही साइंस और यही लॉजिक है कि इंसान अगर 5 दिन 10 दिन महीने भर भी करता है स्ट्रेस एंजाइटटी डिप्रेशन ओसीडी इन सब से बाहर आ जाता है वो जो काउंसलिंग के ₹00 ₹1 लाख तक दे रहा था वो जिसने अपना घर तक बेच दिया था वो घर में बैठ के ईमानदारी से सांस भरते हुए सिर्फ फील कर लेता है ना कि यह सांस मेरे ब्रेन तक जा रहा है ब्रेन को एक्टिव कर रहा है पूरी बॉडी में ऑक्सीजन सप्लाई हो रहा है ऑक्सीजन सप्लाई के साथ में एनर्जी सर्कुलेट हो रही है और मैं बिल्कुल मजबूत हो रहा हूं इस लेवल पे अगर सेल्फ टॉक वह करता है तो विद इन फाइव डज़ उसमें चेंजज़ आ जाते हैं
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